निरभौ निरवैर - Nirbhau Nirvair Lyrics in Hindi [Shahid Mallya, Qala]
Lyrics in Hindi
निरभौ निरवैर - Nirbhau Nirvair
Shahid Mallya, Qala
Movie/Album : कला (2022)
ऐसी मरनी जो मरे, बहुरि ना मरना होय
कबीरा मरता-मरता जग मुआ
मर भी ना जाणे कोय
क्या जाणे किवें मरांगे कैसा मरणा होय
जे कर साहिब मनहु ना विसरे
ताँ सहल मरणा होय
ताँ सहल मरणा
मरणा मरणा होय
कित्थे तुरदा लबदा फिरदा
साया नाल साहिब दा
जीण तो पहले मुकदा क्यूँ वे
जुड़न तो ज़्यादा टुटदा
हर धुन गाओ, निर्गुण निरभौ
हर धुन सुण, निर्गुण निरवैर
हर धुन गाओ, निर्गुण निरभौ
हर धुन सुण, निर्गुण निरवैर
पैर लम्बे निक्की चदरा
कफ़न ने पूरा ढकणा
जो विखाया वो था अपणा
बाकी ताँ अहमद शाह दा
सुफ़ने तू झूठे चखदा फिरदा
शहद वी खट्टा लगदा
जीण तो पहले मुकदा क्यूँ वे
जुड़न तो ज़्यादा टुटदा
हर धुन गाओ, निर्गुण निरभउ
हर धुन सुण, निर्गुण निरवैर
हर धुन गाओ, निर्गुण निरभउ
हर धुन सुण, निर्गुण निरवैर